कोहरे ने ली 4 की जान: यमुना एक्सप्रेस-वे पर 7 बसें और 3 कारें भिड़ीं, 66 घायल; जली लाशों के टुकड़े 17 पॉलिथीन में भेजे गए

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मथुरा में भीषण सड़क हादसा, बसों में भड़की आग; DM बोले—6 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, कोहरे से विजिबिलिटी बेहद कम थी
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर भयावह हादसा
मथुरा जिले के थाना बलदेव क्षेत्र में मंगलवार सुबह घने कोहरे के बीच यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहां करीब 7 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं, जिससे कई वाहनों में आग लग गई। हादसे में चार लोगों की मौके पर जलकर मौत हो गई, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
बसों के अंदर फंसे रहे शव, 17 पॉलिथीन में भेजे गए टुकड़े
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद मंजर बेहद भयावह था। कई यात्रियों ने शीशे तोड़कर जान बचाई, जबकि कुछ बसों में अंदर ही फंस गए। घटना स्थल पर मौजूद एक युवक ने बताया कि उसने बस से 8-9 शव बाहर निकाले, जो बुरी तरह जल चुके थे। 17 पॉलिथीन बैग में जले हुए मानव अंगों के टुकड़े एकत्र कर अस्पताल भेजे गए हैं, जिनकी पहचान अब DNA टेस्ट के जरिए की जाएगी।
कोहरे में दिखना हुआ मुश्किल, अचानक धीमी हुई रफ्तार से चेन रिएक्शन
हादसे के कारणों में घना कोहरा सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। मौके पर मौजूद चश्मदीद भगवान दास ने बताया,
“ऐसा लगा जैसे बम फटा हो, हर तरफ बस चीख-पुकार थी। लोग बसों के शीशे तोड़कर बाहर भाग रहे थे।”
जानकारी के अनुसार, घने कोहरे के कारण एक बस ने अपनी गति धीमी कर दी, जिसके चलते पीछे आ रहे वाहन एक के बाद एक टकरा गए।
प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
DM चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसा माइलस्टोन 127 के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और 6 घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। हादसे के चलते एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लग गया था, जिसे मलबा हटाने के बाद खोला गया।
राहत और मुआवजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही, अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं।

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