प्रतापगढ़. जिले के अरनोद उपखंड क्षेत्र के ग्राम हमचाखेड़ी बाँध से निकलने वाली उत्तर व दक्षिण दिशा की दोनों प्रमुख नहरें पिछले दो वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं, जिससे क्षेत्र के किसानों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नहरों की मरम्मत नहीं होने के कारण लगातार दो फसली मौसम से किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं और अब रबी की फसल पर भी संकट गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत जाजली क्षेत्र के काश्तकारों ने शुक्रवार को सिंचाई मंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी योगेश देवल को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया।
किसानों ने बताया कि नहरों के टूटे होने के कारण खरीफ सीजन में फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया, जिससे पैदावार प्रभावित हुई। वर्तमान में रबी सीजन की बुवाई पूरी हो चुकी है और गेहूं, चना, अफीम, सरसों जैसी प्रमुख फसलें खेतों में खड़ी हैं, लेकिन सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से फसलों के सूखने का खतरा बना हुआ है।किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिला कलेक्टर को तीन बार प्रार्थना-पत्र देने के बाद भी नहरों की मरम्मत नहीं करवाई गई, जिससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है। ज्ञापन में किसानों ने दोनों नहरों की शीघ्र मरम्मत कर पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि समय रहते फसलों को बचाया जा सके। साथ ही किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
