छोटीसादड़ी उप जिला चिकित्सालय बदहाली, अनशन क्यों बन गया आखिरी रास्ता?

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छोटीसादड़ी उप जिला चिकित्सालय बदहाली के विरोध में आमरण अनशन करते सामाजिक कार्यकर्ता

छोटीसादड़ी उप जिला चिकित्सालय बदहाली अब केवल एक समस्या नहीं बल्कि जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी नगर स्थित उप जिला चिकित्सालय में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर आमजन का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। इसी के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता मनीष उपाध्याय द्वारा किया जा रहा आमरण अनशन तीसरे दिन भी लगातार जारी है।


कड़ाके की ठंड में भी जारी आमरण अनशन

वहीं, कड़ाके की सर्दी और लगातार गिरते स्वास्थ्य के बावजूद मनीष उपाध्याय धरनास्थल पर डटे हुए हैं। अनशन के दूसरे दिन ही उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई थी। हालांकि, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे आंदोलनकारियों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है।


चिकित्सालय में डॉक्टरों और सुविधाओं की भारी कमी

इसके अलावा, आंदोलनकारियों का आरोप है कि उप जिला चिकित्सालय में लंबे समय से:

  • विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी

  • आवश्यक जांच सुविधाओं का अभाव

  • दवाइयों की अनियमित आपूर्ति

  • अव्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं

इन हालातों में मरीजों को मजबूरन जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।


गरीब और ग्रामीण मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित

इसी कारण, सबसे ज्यादा परेशानी गरीब, मजदूर और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को झेलनी पड़ रही है। कई बार गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण उनकी स्थिति और बिगड़ जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उप जिला चिकित्सालय क्षेत्र के हजारों लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों का मुख्य केंद्र है, लेकिन बदहाल व्यवस्थाओं ने इसे नाम मात्र का अस्पताल बना दिया है।


प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप

हालांकि, इतने संवेदनशील मुद्दे के बावजूद न तो कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने अब तक समाधान की दिशा में ठोस पहल की। आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की आवाज को जानबूझकर अनसुना किया जा रहा है।


गांधी चौराहा और अस्पताल परिसर में गूंजा आक्रोश

इधर, गांधी चौराहा और उप जिला चिकित्सालय परिसर के बाहर चल रहे इस आंदोलन को लेकर आमजन का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जता रहे हैं।

जिले में घना कोहरा और भीषण ठंड के कारण सड़क पर कम दृश्यता


आंदोलन को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन

दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता मनीष उपाध्याय और समाजसेवी मानक वैष्णव के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि वर्षों से ज्ञापन और धरना देने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

आंदोलन उग्र करने की चेतावनी

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की नियुक्ति, जांच सुविधाओं की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

लोकतंत्र और जनहित की लड़ाई

कुल मिलाकर, छोटीसादड़ी उप जिला चिकित्सालय बदहाली अब जनता के सब्र की परीक्षा ले रही है। नागरिकों का कहना है कि जनता की आवाज़ को अनसुना करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। समाजसेवियों का संकल्प साफ है—जब तक अस्पताल की बदहाली दूर नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

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