पूर्व विधायक रामलाल मीणा वायरल वीडियो: कलेक्टर को बताया ‘शेरनी’, मंत्री हेमंत पर भी तीखा हमला

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पूर्व विधायक और मंत्री की फाइल फोटो

पूर्व विधायक रामलाल मीणा वायरल वीडियो ने एक बार फिर प्रतापगढ़ जिले की राजनीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गांधी चौराहे पर आयोजित कांग्रेस की सभा में दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कलेक्टर को बताया “शेरनी”, प्रशासन पर गंभीर आरोप

वायरल वीडियो में पूर्व कांग्रेस विधायक रामलाल मीणा कहते नजर आ रहे हैं कि “अब तो प्रतापगढ़ में शेरनी पैदा हो गई है, जिसने सबको फंसा रखा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जो मंत्री को चाय पिलाए उसकी होटल तोड़ी जाती है और जो उनके समर्थन में नारे लगाए, उसकी जांच बैठा दी जाती है।

यह टिप्पणी सीधे तौर पर कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, जिसे लेकर जिले में पहले से ही विवाद चल रहा है।

मंत्री हेमंत मीणा और विधायक प्रतिनिधि भी निशाने पर

पूर्व विधायक रामलाल मीणा वायरल वीडियो में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और विधायक प्रतिनिधि पर भी तीखा हमला किया गया है।
रामलाल मीणा ने आरोप लगाया कि विधायक प्रतिनिधि पर फिरौती, तड़ीपार और हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही।

जमीन विवाद ने फिर पकड़ा तूल

रामलाल मीणा ने कहा कि उनके कार्यकाल में आदिवासियों और किसानों को बिलानाम की जमीन का विधिवत आवंटन कराया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में भूमाफियाओं के दबाव में अचरपुर, करमदिखेड़ा, लुहारिया, बड़ीलाक, पानमोड़ी और मनोहरगढ़ जैसे क्षेत्रों की पंचायत समिति की कीमती जमीनों को खारिज कर दिया गया।

गांधी चौराहे की सभा की तस्वीर

“गरीबों की जमीन छीनना सबसे बड़ा पाप”

पूर्व विधायक ने कहा कि “जो काम गरीबों के हित में हुआ, उसे खत्म करने का अधिकार किसी को नहीं है।”
उन्होंने इसे आदिवासियों और किसानों की “हाय” बताया और कहा कि यही आज की राजनीतिक और प्रशासनिक अशांति की जड़ है।

मंत्री हेमंत मीणा का पलटवार

मंत्री हेमंत मीणा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन संविधान और नियमों के तहत काम करता है।
उनका कहना है कि कांग्रेस शासनकाल में धारा 69-ए के तहत नियमों की अनदेखी कर दिए गए पट्टे ही आज विवाद का कारण बने हुए हैं।
नालों और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में जारी नोटिस पूरी तरह नियमसम्मत हैं।

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राजनीतिक बयानबाजी तेज, सोशल मीडिया पर बहस

पूर्व विधायक रामलाल मीणा वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ लोग इसे जनता की आवाज बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश मान रहे हैं।

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