चोरी की स्कूटी मिली या छोड़ी गई? मंडी के पीछे खड़ी एक स्कूटी ने खोल दिया पूरा राज!

SHARE:

प्रतापगढ़. शहर में बुधवार को चोरी की स्कूटी मिली, लेकिन यह केवल एक सामान्य बरामदगी नहीं थी। कृषि उपज मंडी के पीछे लावारिस हालत में खड़ी स्कूटी ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि पुलिस और प्रशासन के लिए भी कई सवाल खड़े कर दिए। क्या स्कूटी यूं ही छोड़ी गई थी, या इसके पीछे कोई बड़ी वारदात की साजिश थी?

मंडी कर्मचारी की सजगता से चोरी की स्कूटी मिली

प्रतापगढ़ शहर की कृषि उपज मंडी के पीछे खड़ी एक स्कूटी को सबसे पहले मंडी में कार्यरत कर्मचारी महेश शर्मा ने देखा।
हालांकि, आमतौर पर लोग ऐसी चीज़ों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन महेश शर्मा की सजगता के कारण चोरी की स्कूटी मिली और एक बड़ा मामला सामने आ गया।
उन्होंने स्कूटी को संदिग्ध मानते हुए तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद उन्होंने स्कूटी नंबर के आधार पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से संपर्क किया।

👉 प्रतापगढ़ की अन्य क्राइम न्यूज़ पढ़ें

RTO जांच में सामने आया चोरी का मामला

RTO से मिली जानकारी में पता चला कि यह स्कूटी राहुल मेहता के नाम पर पंजीकृत है।
इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
जांच में स्पष्ट हुआ कि चोरी की स्कूटी मिली, जो दो दिन पहले रावण चौकन्ना बालाजी क्षेत्र से रात के समय चोरी हुई थी। इस संबंध में स्कूटी मालिक पहले ही थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा चुका था।

पुलिस मौके पर पहुंची, जांच के बाद स्कूटी सौंप दी

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
स्कूटी के चेसिस और इंजन नंबर का मिलान किया गया।
सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चोरी की स्कूटी उसके असली मालिक को सौंप दी गई।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई कि चोरी के बाद किसी वारदात को अंजाम देने की मंशा से स्कूटी यहां छोड़ी गई हो सकती है।

क्या टल गई कोई बड़ी वारदात?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस स्थान पर चोरी की स्कूटी मिली, वह इलाका संवेदनशील है।
ऐसे में यदि समय रहते सूचना नहीं मिलती, तो स्कूटी का उपयोग किसी आपराधिक गतिविधि में किया जा सकता था।
यही वजह है कि मंडी कर्मचारी की सजगता को पुलिस ने भी सराहा।

स्कूटी मालिक ने जताया आभार

स्कूटी मिलने के बाद मालिक राहुल मेहता ने राहत की सांस ली।
उन्होंने कहा,
“अगर समय पर चोरी की स्कूटी नहीं मिलती, तो शायद मेरा वाहन हमेशा के लिए चला जाता। महेश शर्मा की सजगता काबिले-तारीफ है।”

स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना

स्थानीय नागरिकों ने भी इस घटना को सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।
लोगों का कहना है कि यदि हर नागरिक इस तरह सतर्क रहे, तो चोरी और अपराध की घटनाओं पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है।

Leave a Comment

error: Content is protected !!