आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा: क्या तेज रफ्तार बनी मौत की वजह?
प्रतापगढ़ जिले में आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही की भयावह तस्वीर सामने लाया है। प्रतापगढ़ से अरनोद की ओर जा रही एक वेन्यू कार आमलीखेड़ा गांव के पास घाटी क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार ने सड़क पर चार पलटी खाईं। इस आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रतापगढ़ जिले से जुड़ी अन्य खबरे पढ़ने के लिए करे यहां क्लिक…
चार पलटी खाई कार, मौके पर ही गई जान
हादसे में मृतक की पहचान दुर्गालाल नागर पिता मांगीलाल नागर, उम्र 40 वर्ष, निवासी रावतभाटा जिला चित्तौड़गढ़, हाल निवासी दलोट थाना सलामगढ़ के रूप में हुई है।
दुर्गालाल नागर बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे।
चिकित्सकों के अनुसार सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा बिजली विभाग के लिए भी गहरा आघात बन गया है।

दो कर्मचारी घायल, जिला अस्पताल में इलाज जारी
कार में कुल तीन लोग सवार थे। आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा में घायल कर्मचारियों में
रवि शंकर पाटीदार (सहायक अभियंता)
संदीप सैनी (लाइनमैन)
शामिल हैं। दोनों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
100 मीटर दूर जा गिरा टायर, दहशत में लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के दौरान कार का आगे का टायर निकलकर करीब 100 मीटर दूर जा गिरा। इससे आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित रहा।
पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू
सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को नियंत्रित कर मार्ग को पुनः सुचारू करवाया।
मृतक के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र में शोक की लहर
इस दर्दनाक आमलीखेड़ा घाटी सड़क हादसा से बिजली विभाग के कर्मचारियों सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लोग हादसे को लेकर सड़क सुरक्षा और घाटी मार्ग पर गति नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।
