उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला | सज्जनगढ़ में वन संरक्षण व इको-टूरिज्म की झलक

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उदयपुर. उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला शनिवार को बायोलॉजिकल पार्क सज्जनगढ़ में आयोजित किया गया। इस दो दिवसीय आयोजन में वन संरक्षण, जैव विविधता और इको-टूरिज्म को लेकर विभागीय प्रदर्शनियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संभाग स्तरीय वन मेला एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। बायोलॉजिकल पार्क सज्जनगढ़, उदयपुर में आयोजित यह संभाग स्तरीय दो दिवसीय वन मेला वन संरक्षण, जैव विविधता और इको-टूरिज्म को लेकर नई दिशा दिखाता नजर आया।
उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला शनिवार से बायोलॉजिकल पार्क सज्जनगढ़ में शुरू हुआ। इस दो दिवसीय आयोजन में वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और इको-टूरिज्म की झलक देखने को मिली।
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उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला: जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय बाबूलाल खराड़ी, जनजाति मंत्री रहे।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में
मन्नालाल रावत, सांसद
चुन्नीलाल गरासिया, राज्यसभा सांसद
फूल सिंह मीणा, विधायक
मंचासीन रहे।
वन विभाग की ओर से मुख्य वन संरक्षक सेबूराम यादव, सुनील चिद्री, सोनल जोरिहार सहित प्रतापगढ़ वनमण्डल के कई अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे। इससे उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला प्रशासनिक और विभागीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया।

प्रतापगढ़ वनमण्डल की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला में प्रतापगढ़ वनमण्डल द्वारा दो प्रमुख प्रदर्शनी लगाई गईं।
पहली प्रदर्शनी में प्रतापगढ़ जिले के इको-टूरिज्म स्थलों की विस्तृत जानकारी दी गई। इससे क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
साथ ही पंच गौरव योजना के अंतर्गत
“एक जिला–एक वनस्पति प्रजाति” योजना में चयनित तेंदू प्रजाति की विशेष जानकारी साझा की गई।
औषधीय वनस्पतियां और गोतमेश्वर लवकुश वाटिका मॉडल
वन क्षेत्रों में पाई जाने वाली
औषधीय वनस्पतियां
विभिन्न प्रकार की वन उपज
के महत्व को भी प्रदर्शनी में दर्शाया गया।
इसके अलावा गोतमेश्वर लवकुश वाटिका मॉडल का प्रदर्शन किया गया, जिसने आगंतुकों को वन संरक्षण के व्यावहारिक उदाहरणों से जोड़ा। यह पहल उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला को शैक्षणिक दृष्टि से भी उपयोगी बनाती है।

कार्यक्रम में मौजूद अतिथि
कार्यक्रम में मौजूद अतिथि

F.E.S. की प्रदर्शनी ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

दूसरी प्रदर्शनी फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (F.E.S.) द्वारा लगाई गई।
इसमें चारागाह विकास
बंजर भूमि को हरा-भरा करने
प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन
को मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
चित्रों, स्लोगनों और नारों के जरिए पेड़-पौधों के संरक्षण का संदेश आमजन तक पहुंचाया गया।

राजस्थान वन विभाग की वेबसाइट
👉 forest.rajasthan.gov.in

वन संरक्षण और इको-टूरिज्म की मजबूत पहल

कुल मिलाकर उदयपुर में संभाग स्तरीय वन मेला वन संरक्षण, इको-टूरिज्म और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच साबित हुआ। ऐसे आयोजन न केवल जानकारी देते हैं,  समाज को प्रकृति से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।

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