झूठी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग या व्यापारियों पर नया दबाव? प्रतापगढ़ सर्राफा एसोसिएशन का बड़ा ज्ञापन

SHARE:

झूठी शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सर्राफा व्यापारियों में आक्रोश

प्रतापगढ़. झूठी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रतापगढ़ सर्राफा एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच कुछ सक्रिय गिरोह झूठे परिवादों के जरिए अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों में भय का माहौल बन गया है।

सोना-चांदी की कीमतों में उछाल और नई समस्या

विश्व बाजार में आई तेजी के कारण हाल के महीनों में सोना और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
इसी बीच झूठी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं। ये लोग कथित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आगे कर सर्राफा व्यापारियों पर गिरवी आभूषण लौटाने के झूठे आरोप लगवा रहे हैं।
हालांकि, अधिकांश मामलों में न तो कोई खरीद बिल होता है और न ही गिरवी रखने का कोई लिखित प्रमाण।

झूठी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों जरूरी है?

सर्राफा एसोसिएशन का कहना है कि बिना दस्तावेजी साक्ष्य के दर्ज की जा रही शिकायतें व्यापारियों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं।
झूठी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से:
व्यापारियों की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है
मानसिक दबाव बढ़ता है
अवैध वसूली को बढ़ावा मिलता है
इसलिए हर शिकायत पर प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक है।

प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए।
प्रतापगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए।
गिरवी आभूषण के मामलों में दस्तावेज क्यों अनिवार्य

झूठी शिकायतों पर कार्रवाई से पहले ये दस्तावेज जरूरी
एसोसिएशन ने मांग की है कि किसी भी व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता से निम्न दस्तावेज अनिवार्य रूप से मांगे जाएं:
सोना या चांदी खरीदने का मूल बिल
गिरवी रखने की लिखित रसीद या अनुबंध
ब्याज भुगतान की रसीद (यदि दावा किया गया हो)
दस्तावेजों के अभाव में केवल मौखिक आरोपों पर कार्रवाई अन्यायपूर्ण होगी।

सिविल विवाद में पुलिस हस्तक्षेप पर सवाल

ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लेन-देन या गिरवी से जुड़े विवाद सिविल न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
झूठी शिकायतों पर कार्रवाई के नाम पर आपराधिक केस दर्ज करना कानून की भावना के विरुद्ध है।
यदि तीन वर्ष की सीमा में सिविल दावा संभव है, तो पुलिसिया दबाव क्यों?

प्रतापगढ़ जिले से जुड़ी खबरें देखने के लिए करें यहां क्लिक…

www.pratapnewstoday.com

सक्रिय गिरोह और जान-माल का खतरा

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ गिरोह धमकी देकर कहते हैं—
“पैसे दो, नहीं तो पुलिस में झूठी शिकायत करेंगे।”
इससे व्यापारियों और उनके परिवारों की जान-माल को खतरा बना हुआ है।
झूठी शिकायतों पर कार्रवाई न होने से हालात और गंभीर हो सकते हैं।

Leave a Comment

error: Content is protected !!