तेहरान/वाशिंगटन। मध्य-पूर्व में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ रविवार को शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे और इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन रविवार को कोई औपचारिक समझौता नहीं होगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर निगरानी के लिए नए नियम लागू करने जा रहा है। इन नियमों के तहत होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से सेवाओं के बदले में टैक्स वसूला जा सकता है।
होर्मुज से होती है दुनिया की बड़ी तेल सप्लाई
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। दुनिया भर की तेल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों से प्रति बैरल 1 डॉलर शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है, जिससे उसे सालाना 70 से 80 अरब डॉलर तक की आय हो सकती है।
समझौते के बाद 60 दिन की बातचीत का प्लान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच पहले एक अंतरिम MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद 60 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज स्ट्रेट के संचालन जैसे जटिल मुद्दों पर तकनीकी वार्ता होगी।
भारत-अमेरिका के बीच तनाव
इस बीच भारत और अमेरिका के बीच भी तनाव बढ़ा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले भारतीय जहाजों को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत ने भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों पर हमलों को लेकर दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब भी किया।
ट्रम्प की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि अगर यह समझौता प्रक्रिया सफल नहीं हुई तो अमेरिका के पास एक आखिरी विकल्प भी है, जिसे वह दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहता। समझौते के बाद ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को हटाकर नष्ट करने की योजना भी है।होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान नए नियम लागू करेगा और जहाजों से टैक्स वसूलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को शांति समझौते का दावा किया, लेकिन ईरान ने कोई तारीख तय नहीं होने की बात कही। भारत-अमेरिका तनाव भी बढ़ा।