जयपुर | राजस्थान में विधायक निधि में कथित भ्रष्टाचार के मामले ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस, भाजपा और एक निर्दलीय विधायक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विधानसभा की सदाचार कमेटी ने तीन विधायकों को एक बार फिर पूछताछ के लिए तलब किया है। इसके साथ ही बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल को भी नोटिस भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को विधानसभा में सदाचार कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद तीनों विधायकों को पूरी तैयारी के साथ 06/07 जनवरी 2026 को कमेटी के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम विधायक निधि में कथित कमीशनखोरी के आरोपों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। दरअसल, बीते दिनों एक समाचार पत्र द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो सामने आए थे। इन वीडियो मेंखींवसर से भाजपा विधायक रेवंत राम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव, बयाना-रूपबास से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत पर विधायक निधि के तहत कार्यों की मंजूरी के बदले कमीशन लेने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, तीनों विधायकों ने इन आरोपों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए किसी भी तरह की रिश्वत या भ्रष्टाचार में शामिल होने से साफ इनकार किया है। मामला सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, जिनका जवाब भी संबंधित विधायकों द्वारा दिया जा चुका है। वहीं, जांच कर रही सदाचार कमेटी ने बीते शुक्रवार को तीनों विधायकों से पूछताछ की थी। इस दौरान विधायकों ने अपने पक्ष में दस्तावेज पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।
रेवंत राम डांगा – 15 दिन
ऋतु बनावत – 10 दिन
अनीता जाटव – 7 दिन
कमेटी की बैठक के बाद फिर से तलब : अब सभापति कैलाश वर्मा की अध्यक्षता में हुई सदाचार कमेटी की बैठक के बाद तीनों विधायकों को फिर से पेश होने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल को भी नोटिस भेजा गया है। जयकृष्ण पटेल पर सवाल पूछने के बदले घूस लेने का आरोप है, जिस पर कमेटी उनसे भी पूछताछ करेगी। इस पूरे प्रकरण ने राजस्थान की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें सदाचार कमेटी की अगली सुनवाई और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।
