प्रतापगढ़. शहर में लगातार बढ़ते अतिक्रमण और उससे उत्पन्न यातायात अवरोध व आवागमन की समस्याओं को देखते हुए नगर परिषद ने एक सराहनीय, संवेदनशील और सकारात्मक पहल की है। सार्वजनिक मार्गों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद द्वारा समझाइश आधारित जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई, जिसमें सख्ती के बजाय सौहार्द और संवाद को प्राथमिकता दी गई।
यह अभियान जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया के निर्देशन में तथा नगर परिषद आयुक्त जितेंद्र मीणा के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान के तहत नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों, व्यस्त सड़कों और व्यापारिक इलाकों में पहुंचे और दुकानदारों से सीधे संवाद किया। नगर परिषद की टीम ने दुकानों के बाहर फुटपाथ व सड़क तक फैले अस्थायी अतिक्रमण को हटाने की अपील करते हुए दुकानदारों को गुलाब के फूल भेंट किए। गुलाब के माध्यम से दिया गया यह संदेश न केवल सौहार्द का प्रतीक बना, बल्कि अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश देता नजर आया।
अधिकारियों ने बताया कि दुकान के बाहर रखा गया सामान यातायात में बाधा बनने के साथ-साथ पैदल चलने वाले नागरिकों, बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए परेशानी का कारण बनता है। इसलिए सभी व्यापारियों से अपील की गई कि वे अपना सामान दुकान की निर्धारित सीमा में ही रखें और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।
नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह अभियान केवल जागरूकता और समझाइश तक सीमित है, लेकिन इसके बाद भी यदि अतिक्रमण जारी रहता है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
