दलोट में यूरिया संकट, सुबह 5 बजे से कतारों में किसान, महिलाओं को भी करना पड़ा इंतजार

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जिले के अरनोद उपखंड के दलोट क्षेत्र में यूरिया खाद की भारी किल्लत ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी रबी फसलों के समय किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। दलोट कस्बे में हालात तब और गंभीर नजर आए, जब किसान सुबह 5 बजे से ही सहकारी लैंप्स के बाहर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। किसानों का एकमात्र उद्देश्य किसी तरह दो कट्टे यूरिया खाद हासिल करना रहा, लेकिन सुबह साढ़े दस बजे तक भी अधिकांश किसान लाइन में ही इंतजार करते रहे। खाद की इस मारामारी में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। खेती से जुड़ी महिलाएं घंटों तक सहकारी लैंप्स के बाहर कतार में लगी रहीं, ताकि फसलों के लिए आवश्यक यूरिया मिल सके।

किसानों का कहना है कि खेतों में समय पर खाद नहीं डालने से फसल उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने सवाल उठाया कि जब निजी दुकानों पर यूरिया उपलब्ध है, तो सहकारी समितियों में इसकी आपूर्ति क्यों नहीं की जा रही। उनका आरोप है कि सहकारी लैंप्स में खाद नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी दुकानों से ऊंचे दामों पर यूरिया खरीदना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। किसानों ने खाद वितरण को लेकर सहकारी समिति पर मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि सरकारी स्तर पर समय रहते यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, तो किसानों को निजी दुकानों की महंगी खाद पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दलोट क्षेत्र में यूरिया खाद की लगातार कमी से किसानों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

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