एक समझाइश, दो दिन बाद चमत्कार: अरनोद में हेलमेट ने बचाई पोस्टमैन की जान

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अरनोद.(प्रतापगढ़) पुलिस की एक साधारण समझाइश दो दिन बाद जीवन रक्षक बन गई। बिना हेलमेट पकड़े गए पोस्टमैन ने सलाह मानी और अगली ही यात्रा में घातक चाइनीज मांझे से बाल-बाल बच गए। यह घटना सड़क सुरक्षा क अहमियत को उजागर करती है।
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन किस प्रकार जीवन रक्षक साबित हो सकता है, इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण अरनोद कस्बे में सामने आया है। पुलिस की समय पर की गई समझाइश और एक जिम्मेदार नागरिक की जागरूकता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया और एक अमूल्य जीवन सुरक्षित बच गया।
जिला प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में जिलेभर में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस निरीक्षक थाना अरनोद शम्भूसिंह झाला के नेतृत्व में 25 दिसंबर 2025 को थाना क्षेत्र में नाकाबंदी व वाहन चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान ‘अचलवादा घाटे’ पर पुलिस जाप्ता तैनात था।
नाकाबंदी के दौरान अरनोद की ओर से मोटरसाइकिल पर आ रहे पोस्टमैन यशवंत पिता ताराचंद लोहार, निवासी सेमलिया, थाना सुहागपुरा, जिला प्रतापगढ़ को बिना हेलमेट पाया गया। ड्यूटी पर तैनात मुख्य आरक्षक ने उन्हें रोका। इस दौरान केवल चालान की चेतावनी ही नहीं दी गई, बल्कि आत्मीयता और सख्ती के साथ हेलमेट पहनने की समझाइश देते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का महत्व समझाया गया।
पुलिस की यह समझाइश दो दिन बाद जीवन रक्षक सिद्ध हुई। 27 दिसंबर 2025 को वही पोस्टमैन यशवंत सुहागपुरा से अरनोद की ओर मोटरसाइकिल से आ रहे थे। इस बार उन्होंने पुलिस की सलाह मानते हुए हेलमेट पहन रखा था।
जैसे ही वे अरनोद कस्बे में दाखिल हुए, अचानक प्रतिबंधित चाइनीज मांझा उनके गले की ओर आ गया। लेकिन मांझा सीधे हेलमेट से टकरा गया। मांझा इतना धारदार था कि उसने हेलमेट के बाहरी हिस्से को काट दिया। यदि हेलमेट नहीं होता, तो यह मांझा सीधे गले पर लग सकता था, जो जानलेवा साबित हो सकता था। हेलमेट की मजबूती के कारण उनकी जान बाल-बाल बच गई।
पुलिस की अपील
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि दुपहिया वाहन चलाते समय हमेशा ISI मार्क वाला हेलमेट पहनें। पुलिस की समझाइश आपकी सुरक्षा के लिए होती है, इसे हल्के में न लें। साथ ही प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का उपयोग न करें, यह इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए घातक है।
पोस्टमैन यशवंत का संदेश
“मैं हेड कांस्टेबल प्रभुराम और अरनोद पुलिस का तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ। अगर उस दिन मुझे नहीं रोका गया होता, तो शायद आज मैं जीवित नहीं होता। सभी से निवेदन है कि हेलमेट जरूर पहनें।”

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