प्रतापगढ़ | भगवानपुरा किसान सम्मेलन में किसानों को आत्मनिर्भर खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, योजनाओं और जलवायु-सहिष्णु उपायों की जानकारी दी गई।
सम्मेलन में सुहागपुरा एवं धमोतर ब्लॉक के 22 गांवों से करीब 400 किसानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
भगवानपुरा किसान सम्मेलन : कृषि, पशुपालन और स्वरोजगार पर फोकस
मुख्य अतिथि आत्मा परियोजना निदेशक गोपाल नाथ योगी ने किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और योजनाओं का सही उपयोग किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
स्वरोजगार व कौशल विकास की जानकारी
बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान के प्रतिनिधि ने स्वयं का व्यवसाय शुरू करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
क्लाइमेट रेजिलिएंट गांवों की दिशा में प्रयास
रिलायंस फाउंडेशन के जिला परियोजना प्रबंधक विक्रम सिंह सिसोदिया ने परियोजना के उद्देश्यों को साझा करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर और जलवायु परिवर्तन के प्रति सक्षम बनाना है।
पशुपालन और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण
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पशुपालन विभाग से डॉ. गौरव ने पशुओं की मौसमी बीमारियों, टीकाकरण और देखभाल की जानकारी दी।
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एफईएस संस्था के महिपाल सिंह सिसोदिया ने चारागाह विकास और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण पर जागरूक किया।
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राजीविका प्रतापगढ़ के कपिल सोनी ने महिलाओं को आजीविका से जुड़ी विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को कृषि, पशुपालन, आजीविका और स्वरोजगार से जुड़ी नवीन योजनाओं से अवगत कराया।
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