प्रतापगढ़. नाबालिग अपहरण व दुष्कर्म मामला प्रतापगढ़ में न्याय के एक बड़े फैसले के रूप में सामने आया है। पोक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई है।
जिले में सामने आए नाबालिग अपहरण व दुष्कर्म मामले में न्यायालय का यह फैसला पीड़िता के लिए न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है। पुलिस द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अपहरण, दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में आरोपी को दोषी ठहराया। अलग-अलग सजाओं को मिलाकर 20 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि इस प्रकार के अपराध समाज के लिए अत्यंत घातक हैं। कड़ी सजा का उद्देश्य समाज में कड़ा संदेश देना है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लग सके।
इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने के साथ-साथ समाज में कानून के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
नाबालिग अपहरण व दुष्कर्म मामले में पोक्सो कोर्ट का फैसला
विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट, प्रतापगढ़ डॉ. प्रभात अग्रवाल ने गंभीर अपराध के इस मामले में आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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अभियुक्त पिंकु उर्फ पिकेंश को सुनाई सजा
न्यायालय ने यह सजा अभियुक्त पिंकु उर्फ पिकेंश पिता लक्ष्मण मीणा (23), निवासी लक्ष्मणगढ़, थाना सैलाना, जिला रतलाम (मध्यप्रदेश) को सुनाई।
रात में अपहरण कर बनाया पत्नी
प्रकरण के अनुसार 6 जुलाई 2024 की रात नाबालिग बालिका घर के बाहर परसाल में सो रही थी। सुबह वह लापता मिली। बाद में आरोपी ने परिजनों को फोन कर बताया कि वह नाबालिग को उठाकर ले गया और उसे पत्नी बनाकर अपने पास रखा।
17 गवाह और 37 दस्तावेज पेश
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक किशन लाल कुमावत ने न्यायालय में 17 गवाहों के बयान कराए और 37 दस्तावेज प्रस्तुत किए। मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
