प्रतापगढ़ में प्रतापगढ़ बस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। प्रदेशभर में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स द्वारा घोषित हड़ताल के तहत जिला मुख्यालय से संचालित करीब 130 प्राइवेट बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है, जिससे हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होगी।
🔹 राज्यस्तरीय निर्णय के बाद लिया गया फैसला
बस मालिक एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष शाकिर खान ने बताया कि जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में लिए गए सामूहिक निर्णय के बाद जिले के सभी बस मालिक हड़ताल में शामिल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में करीब 35 हजार प्राइवेट बसें भी इस हड़ताल में शामिल होंगी।
ऑपरेटर्स का कहना है कि आरटीओ विभाग द्वारा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सस्पेंड किए जा रहे हैं और भारी चालान काटे जा रहे हैं, जिससे बस व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
🔹 ये हैं बस ऑपरेटर्स की मुख्य मांगें
बस मालिकों का आरोप है कि पुरानी बसों पर धारा 153 लागू की जा रही है और सवारियों से भरी बसों को बीच रास्ते खाली कराया जा रहा है।
उन्होंने मांग की है कि —
आरसी सस्पेंड करने की प्रक्रिया रोकी जाए
गलत चालान न बनाए जाएं
बिना आधार धारा 153 लागू न की जाए
बसों को बीच रास्ते रोककर यात्रियों को उतारने की कार्रवाई बंद हो
लगेज कैरियर लगाने की अनुमति फिर से दी जाए
🔹 अन्य यूनियनों का भी मिला समर्थन
स्लीपर बस ऑपरेटर्स, टेंपो यूनियन, टैक्सी यूनियन और टैम्पो टैक्स यूनियन ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है।
बस मालिकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब तक बस संचालन शुरू नहीं किया जाएगा।
🔹 आमजन पर पड़ेगा सीधा असर
हड़ताल के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना बसों पर निर्भर हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा और उन्हें वैकल्पिक परिवहन का सहारा लेना होगा।
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि यह आंदोलन मजबूरी में लिया गया फैसला है ताकि सरकार परिवहन व्यवसाय से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता से विचार करे।
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