राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयोजित आयुर्वेदिक क्षारसूत्र शिविर का विधिवत शुभारंभ हुआ, जहां पहले ही दिन मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। 10 दिवसीय यह निःशुल्क शिविर 22 फरवरी से 3 मार्च तक चलेगा और इसमें पाइल्स, फिस्टुला व फिशर जैसी बीमारियों का उपचार किया जाएगा।

🔹 पहले दिन उमड़ी मरीजों की भीड़
शिविर प्रभारी डॉ. कमलकांत शर्मा ने बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम उत्सव जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, जिसमें अमित जैन, संजय वगैरिया और पंकज जैन मौजूद रहे।
शिविर के पहले दिन सामान्य आयुर्वेद चिकित्सा, अग्निकर्म और महिला एवं प्रसूति रोग काउंटरों पर मरीजों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। बाहर से आए विशेषज्ञ सर्जनों द्वारा क्षारसूत्र पद्धति से पाइल्स, फिस्टुला और फिशर का उपचार किया जा रहा है।
🔹 कई बीमारियों का मिलेगा आधुनिक आयुर्वेदिक उपचार
डॉ. शर्मा के अनुसार अग्निकर्म के जरिए फ्रोजन शोल्डर, घुटनों का दर्द, कमर दर्द और टेल बोन जैसी समस्याओं का इलाज किया जा रहा है। वहीं जलोका लीच थेरेपी से वैरिकोज वेन्स का उपचार भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि सर्जरी से पहले मरीजों की जरूरी जांचें की जाएंगी, जिसके बाद ही क्षारसूत्र उपचार किया जाएगा। ऑपरेशन के बाद मरीजों को 10 दिन तक भर्ती रखकर पूरी देखभाल की जाएगी। रहने, भोजन और दवाइयों सहित सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं।
यह भी पढ़ें : अरनोद रक्तदान शिविर, शहीदों को 31 यूनिट रक्त से श्रद्धांजलि
