रैन बसेरा निरीक्षण में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने व्यवस्थाओं की हकीकत जांची। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों व सुविधाओं को लेकर सामने आई पूरी रिपोर्ट।
प्रतापगढ़. रैन बसेरा निरीक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में एक अहम कार्रवाई सामने आई है। नगर परिषद स्थित रैन बसेरा में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) द्वारा दिनांक 13 जनवरी 2026 को रात 9 बजे अचानक निरीक्षण किया गया, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।
रैन बसेरा निरीक्षण: व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सुविधाएं वास्तव में जरूरतमंद और वंचित व्यक्तियों को मिल रही हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि—
महिलाओं व पुरुषों के ठहरने की अलग-अलग व्यवस्था
नियमित साफ-सफाई
फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता
शुद्ध पेयजल
सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम
सर्दी से बचाव की सामग्री
सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक और सुव्यवस्थित पाई गईं।
बच्चों के लिए विशेष सुविधा भी जांची
रैन बसेरा निरीक्षण के दौरान 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए शिशु-योग्य भोजन की उपलब्धता को भी परखा गया।
रजिस्टरों के निरीक्षण से स्पष्ट हुआ कि—
शिशुओं के लिए भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है
स्टाफ नियमित रिकॉर्ड संधारित कर रहा है
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बस स्टैंड से रैन बसेरा तक
निरीक्षण के समय बस स्टैंड पर ठंड में सो रहे एक राहगीर को नगर परिषद स्थित रैन बसेरा में सुरक्षित पहुंचाया गया।
यह पहल मानवीय संवेदनशीलता और न्यायिक सक्रियता का उदाहरण रही।

अन्य अस्थाई रैन बसेरों का भी निरीक्षण
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा—
नीमच नाका स्थित अस्थाई रैन बसेरा
जिला चिकित्सालय स्थित अस्थाई रैन बसेरा
का भी निरीक्षण किया गया।
यहां भी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
प्रचार-प्रसार पर भी जोर
रैन बसेरा स्टाफ ने बताया कि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक जानकारी पहुंचाने के लिए निरंतर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड में खुले आसमान के नीचे न सोए।
