भगवान चार भुजा नाथ की शाही बारात 22 जनवरी को मालवी लोहार समाज द्वारा अत्यंत भव्य और पारंपरिक शाही स्वरूप में निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु भक्त शामिल होंगे। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों, घोड़ों और सजे-धजे बारातियों के साथ यह शाही बारात नीमच से प्रतापगढ़ तक भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगी।
रामपुरा में विराजित हैं भगवान चार भुजा नाथ
भगवान श्री चार भुजा नाथ जी का विशाल एवं प्राचीन मंदिर रामपुरा में विराजित है। यह मंदिर मालवी लोहार समाज की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है। प्रत्येक वर्ष समाज द्वारा भगवान चार भुजा नाथ की शाही बारात निकाली जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
ढोल-बाजे, घोड़े और शाही सजावट
इस वर्ष भी भगवान चार भुजा नाथ की शाही बारात में पारंपरिक ढोल, बैंड-बाजे, घोड़े और आकर्षक सजावट देखने को मिलेगी। बारात में शामिल श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते भगवान के साथ चलेंगे।
इसके अलावा, दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी विशेष रूप से सजाया जाएगा, जिससे पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण में डूबा रहेगा।

रामपुरा से प्रतापगढ़ तक तय होगा लंबा धार्मिक मार्ग
भगवान की यह शाही बारात रामपुरा से प्रारंभ होकर निम्न स्थानों से होते हुए निकलेगी:
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कुकड़ेश्वर, मनासा, जवासा, बोरखेड़ी, पानेरी, नीमच, जीरन, हरवार, बरड़िय, थड़ा, रठाजना, पानमोडी, भुवासिया, धामनिया, अमलावद, और अंत में प्रतापगढ़ हर स्थान पर श्रद्धालु पलक-पावड़े बिछाकर भगवान का भव्य स्वागत करेंगे।
तुलसा माता से होगा विवाह
यह शाही बारात राजस्थान के प्रतापगढ़ में आयोजित मालवी लोहार समाज के विवाह सम्मेलन में पहुंचेगी। यहां भगवान श्री चार भुजा नाथ अपने भक्तों के साथ तुलसा माता से विवाह के लिए पधारेंगे।
इस आयोजन को समाज के लिए अत्यंत शुभ और ऐतिहासिक माना जा रहा है।
समाज के हर वर्ग की होगी भागीदारी
इस भव्य आयोजन में समाज के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं और बच्चे सभी शामिल होंगे। भक्तगण नाचते-गाते, जयकारे लगाते हुए भगवान के साथ बारात में चलेंगे।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।
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