दलोट में सांप रेस्क्यू की कार्रवाई शुक्रवार को हाट चौक में देखने को मिली, जब एक सपेरा जिंदा सांप के साथ भीड़ जुटाकर तमाशा दिखा रहा था। सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ टीम और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में सांप को सुरक्षित मुक्त कराया गया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत ऐसे कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।
प्रतापगढ़ जिले के दलोट कस्बे के हाट चौक में एक सपेरा जिंदा सांप के साथ करतब दिखा रहा था। मौके पर भीड़ इकट्ठा कर सांप का प्रदर्शन किया जा रहा था।
इसकी सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ एंड एनिमल रेस्क्यू सोसायटी दलोट और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सपेरे से सांप को अपने कब्जे में लिया। जांच में पाया गया कि सांप स्वस्थ था।
टीम ने:
-
सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया
-
सपेरे को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी
-
सांप को प्राकृतिक वातावरण में जंगल में छोड़ दिया
⚖️ क्या कहता है कानून?
भारत में Wildlife Protection Act (वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972) के तहत:
-
सांपों को पकड़ना
-
पालना
-
प्रदर्शन करना
गंभीर और दंडनीय अपराध है।
वाइल्ड लाइफ दलोट के संस्थापक लव कुमार जैन ने बताया कि कई मामलों में सपेरे सांपों के विषदंत तोड़ देते हैं या विष की थैली निकाल देते हैं, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो जाती है।
👮 कार्रवाई में कौन रहे मौजूद?
-
वनपाल लक्ष्मण मीणा
-
सहायक वनपाल गोवर्धन मीणा
-
वाइल्ड लाइफ दलोट के संस्थापक लव कुमार जैन
🌿 सांप को जंगल में छोड़ा गया
वन विभाग ने रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों के साथ इस तरह का व्यवहार न करें और ऐसी सूचना तुरंत विभाग को दें।
यह भी पढ़े : प्रतापगढ़ एमडी तस्करी: खेत में 60 लाख की ड्रग्स जब्त
